नावां सिटी में ही बने उप जिला चिकित्सालय, मुस्लिम समाज ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जुमे की नमाज के बाद उमड़ा जनसमर्थन

नावां सिटी में उप जिला चिकित्सालय के लिए शहर की सीमा से 8 किलोमीटर दूर राजास में भूमि आवंटित किए जाने के विरोध में जनआक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को नावां के मुस्लिम समाज ने जुमे की नमाज के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट रूप से मांग की कि उप जिला चिकित्सालय का निर्माण नावां शहर की सीमा में एवं आमजन की पहुँच योग्य भूमि पर ही किया जाए।

मुस्लिम समाज के सदर रशीद शेख की अगुआई में समाज के प्रतिनिधि जुमे की नमाज के बाद तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में वर्तमान अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति, जनसंख्या के अनुपात में अपर्याप्त संसाधन और शहर से दूर भूमि आवंटन को जनहित के विपरीत बताया गया।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि नावां सिटी की बड़ी आबादी आज भी एक अत्यंत जर्जर, असुरक्षित और दयनीय अवस्था में संचालित पुराने अस्पताल पर निर्भर है। बारिश में छतों से पानी टपकता है, दीवारों से प्लास्टर झड़ता है और हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। आपातकालीन सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मुस्लिम समाज के सदर रशीद शेख ने इस अवसर पर कहा कि उप जिला चिकित्सालय कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा सवाल है। यदि अस्पताल शहर से दूर बनाया गया तो गरीब, बुजुर्ग और आपातकालीन मरीजों को भारी परेशानी होगी। हम चाहते हैं कि अस्पताल नावां सिटी की सीमा में बने, ताकि हर जरूरतमंद को समय पर इलाज मिल सके।

उन्होंने कहा कि वर्षों से जनता धैर्य रखे हुए है, लेकिन अब और इंतजार संभव नहीं है। यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो जनआंदोलन अवश्यंभावी होगा।

स्थानीय समाजसेवी मोनू अकरम खान ने भी स्थानीय विधायक और राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि “नावां शहर एक बड़ा कस्बा है और यहां का अस्पताल प्रतिदिन सैकड़ों लोगों के जीवन से जुड़ा हुआ है। शहर से 8 किलोमीटर दूर राजास गांव में भूमि आवंटन करना व्यावहारिक नहीं है। अस्पताल वहीं बनना चाहिए, जहां आमजन आसानी से पहुंच सके।” उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के साथ-साथ पूरा नावां शहर इस मांग के समर्थन में खड़ा है।

ज्ञापन में शहरवासियों की और से ये भी चेतावनी दी गई कि यदि 1 जनवरी 2026 तक शहर के भीतर उपयुक्त भूमि आवंटन कर निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर कोई ठोस और सार्वजनिक निर्णय नहीं लिया गया, तो 2 जनवरी 2026 से नावां सिटी में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरी नावां की जनता का होगा।

इस अवसर पर सदर रशीद शेख, समाजसेवी मोनू अकरम खान,अख्तर खान,हारून खान, राजू सैयद,लुकमान शाह, सादिक मनियार, रोशन मनियार, बबलू खान, नौशाद, सैयद रफी कुरैशी,नाजिम कुरैशी और नौशाद कुरैशी,इरफान अली सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहें।

मुस्लिम समाज के इस समर्थन के बाद उप जिला चिकित्सालय को लेकर चल रहा आंदोलन और अधिक मजबूत होता नजर आ रहा है। अब शहर के विभिन्न वर्गों और संगठनों की एकजुटता प्रशासन पर शीघ्र निर्णय लेने का दबाव बना रही है।

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