कुचामन में मदरसा इस्लामिया सोसायटी ने किया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी 2025 कार्यक्रम का आयोजन

कुचामन में मदरसा इस्लामिया सोसायटी ने किया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी 2025 कार्यक्रम का आयोजन

दीनी और दुनियावी तालीम पर जोर

कुचामन सिटी, इस्लाम धर्म के आख़िरी पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद साहब के 1500वें जन्मदिवस के अवसर पर दुनियाभर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इसी क्रम में मुस्लिम समाज की सबसे बड़ी सामाजिक संस्था मदरसा इस्लामिया सोसायटी की ओर से रविवार को गुलाब बाड़ी स्थित मदरसा इस्लामिया सोसायटी बालिका विद्यालय परिसर में बच्चों का विशेष कार्यक्रम जश्न ए ईद मिलादुन्नबी 2025 का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह आठ बजे तिलावत-ए-कुरान से हुई। कुचामन की विभिन्न मस्जिदों के पेश-इमाम इस अवसर पर मंचासीन रहे।मंच संचालन मौलाना साबिर हुसैन और अजमत मौलानी ने किया ।

बच्चों की शानदार प्रस्तुतियां

कुचामन सिटी के विभिन्न मदरसों से आए 40 से अधिक बच्चों ने नात, किरत, तक़रीर और सवाल-जवाब की प्रस्तुतियां दीं। मासूम बच्चों की आवाज़ और उनकी प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित जनसमूह को प्रभावित किया। कार्यक्रम में शामिल शहर के प्रबुद्धजनों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की भरपूर सराहना की।

शहर के गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षाविद् आरिफ़ खान, डॉ. लुकमान खान, डॉ. इशाक देवड़ा, पार्षद फ़ारूक़ टाक, सलीम भाटी सम्मू, पार्षद इकराम भाटी, अरशद अख़्तर कुरैशी, अकीक अहमद उस्मानी, अंसार सिद्दीकी, पूर्व पार्षद अहमद खान, राजू चाचा, पूर्व पार्षद आरिफ़ खान, अब्दुल वहीद बडगुजर,याकूब भाटी कुरैशी शकील चुड़ीगर, केडी शेख, इक़बाल रंगरेज, खाजू भाटी, अख़्तर मौलानी, नवाब शेख, सरवर तंवर, इमरान खान और अयूब तबाक इकबाल कुरैशी, सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।

संबोधन में पैग़म्बर की सीरत पर चलने का आह्वान

इस मौके पर डॉ. लुकमान खान ने कहा कि हज़रत मोहम्मद साहब ने इंसानियत, अमन और मोहब्बत का जो पैग़ाम दिया, वही आज की दुनिया में सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि बच्चे जब दीनी और दुनियावी दोनों तरह की तालीम हासिल करेंगे तो समाज तरक्की करेगा और पैग़म्बर की बताई हुई राह पर चलना आसान होगा। पूर्व पार्षद अहमद खान ने कहा कि पैग़म्बर साहब की सीरत हमें सच बोलने, दूसरों की मदद करने और इंसाफ़ का रास्ता अपनाने की सीख देती है। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ पैग़म्बर की शिक्षाओं को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं। पूर्व पार्षद आरिफ़ खान ने कहा कि हज़रत मोहम्मद साहब ने इल्म को हासिल करना हर मुसलमान पर फर्ज़ बताया है। हमें चाहिए कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ इस्लाम की बुनियादी तालीम दें और उनके चरित्र निर्माण पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अगर हम पैग़म्बर साहब के बताए रास्तों पर चलें तो समाज से नफरत और भेदभाव अपने आप खत्म हो जाएगा। वक्ताओं ने अपने संबोधन में मदरसा इस्लामिया सोसायटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपने मज़हब की बुनियादी तालीम से जोड़ते हैं और समाज को पैग़म्बर की सच्ची शिक्षाओं की याद दिलाते हैं।

बालिकाओं का सम्मान

मदरसा इस्लामिया सोसायटी की ओर से संचालित बालिका लाइब्रेरी में पढ़कर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उपखंड स्तर पर सम्मानित हुई बालिका नाजमीन को भी विशेष सम्मान दिया गया।

आयोजन समिति और सेवाएं

कार्यक्रम को सफल बनाने में मदरसा इस्लामिया सोसायटी के सचिव मोहम्मद इक़बाल भाटी, कोषाध्यक्ष इस्माइल शाह, सह-सचिव इमरान देवड़ा, सह-कोषाध्यक्ष हारून कारीगर, कॉमरेड अब्बास खान, जावेद टाक, असलम पठान, हारून शेख, अयूब शेख, दराब खान, याकूब भाटी, अजमत मौलानी, हबीब मौलानी, मिजाज रंगरेज, सिराजुद्दीन मणियार, इस्लामुद्दीन जोया और दीन मोहम्मद कुरैशी ने अपनी सेवाएं दीं।

कार्यक्रम के समापन पर कॉमरेड अब्बास खान ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की हौसला-अफ़जाई और उन्हें दीन की जानकारी देने के मकसद से यह कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित होता रहेगा।

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